रांची, मई 18 -- रांची, विशेष संवाददाता। भगवान बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और विचारों को जनजातीय पारंपरिक चित्रकला के माध्यम से अभिव्यक्त करने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, क्षेत्रीय केंद्र, रांची और डॉ रामदयाल मुंडा जनजातीय कल्याण शोध संस्थान, मोरहाबादी की ओर से आयोजित दस दिवसीय चित्रकला कार्यशाला की शुरुआत सोमवार को संस्थान के सभागार में हुई। यह कार्यशाला 27 मई तक चलेगी। मुख्य अतिथि संस्थान के निदेशक कर्मा जिम्पा भूटिया ने कहा कि झारखंड की जनजातीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में पारंपरिक कला रूपों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में निर्मित कलाकृतियां भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और समाज पर उनके प्रभाव को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेंगी। उपनिदेशक मोनिका रानी टूटी ने कहा कि सोहराय, जादू पटिया और पैतक...