हरिद्वार, मई 1 -- हरिद्वार, संवाददाता। जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के पदाधिकारियों का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुक्रवार को पतंजलि विश्वविद्यालय में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 30 अप्रैल से एक मई तक चले इस शिविर में देशभर से आए वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने जनजातीय समुदायों के समग्र विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़े मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम ने नीति निर्माण के साथ-साथ आत्मचिंतन और आध्यात्मिक दृष्टिकोण को भी समान महत्व दिया। शिविर में भारत सरकार की ओर से प्रतिनिधि करते हुए मनीष त्रिपाठी ने ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका मॉडल और जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। यह भी पढ़ें- जनजातीय विकास में परंपरा और आधुनिकता का संतुलन जरूरी: जुएल ओराम विभिन्न राज्यों से आए अधिकारिय...
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