नई दिल्ली, अगस्त 22 -- देश की पहली डिजिटल जनगणना को लेकर जम्मू-कश्मीर के बर्फीले और दुर्गम इलाकों में तैयारियों के बीच कई व्यावहारिक और तकनीकी चुनौतियां सामने आ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि हम सभी चुनौतियों को चिह्नित कर रहे हैं जिससे अन्य स्थानों पर इस तरह की दिक्कतें न हों। सूत्रों के अनुसार, डोडा जिले में हुई समीक्षा बैठक के दौरान प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के पास उपलब्ध मोबाइल फोन की क्षमता और इंटरनेट की चुनौतियों को चिन्हित किया गया है। सूत्रों ने कहा, आगामी जनसंख्या गणना के लिए मोबाइल फोन में कम से कम 8 जीबी रैम और एंड्रॉयड 13 या उससे ऊपर की क्षमता नहीं होने पर सभी आंकड़ों को फोन के माध्यम से दर्ज कर पाना मुश्किल होगा। सूत्रों के अनुसार कुछ प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के पास इससे कम क्षमता वाले मोबाइल फोन हैं। इससे जनगणना के लिए इस्...