निज संवाददाता, मई 12 -- UP News: जनगणना में किसी तथ्य को जानबूझकर छिपाने पर जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत एक हजार रुपये जुर्माना एवं तीन साल की सजा का प्रावधान है। इस मामले में उत्तरदाता एवं प्रगणक के लिए दंड का एक समान प्रावधान है, जबकि जनगणना में प्राप्त तथ्यों को कोई प्रगणक बाहर साझा करता है तो आरोप साबित होने पर भी दंड का प्रावधान है। जनगणना में सोमवार को पांचवें दिन भी स्वगणना हुई। स्वगणना के दौरान कुछ लोगों के तथ्यों को छिपाने की चर्चा के बीच प्रगणक एवं पर्यवेक्षक भी सतर्क हो गए हैं। उनमें जनगणना अधिनियम के प्रावधानों की बातें हो रही हैं। यदि हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में ज्यादा अनियमितता पाई जाएगी तो प्रगणक जिम्मेदार होंगे। वहीं किसी ब्लॉक में रहने वालों की संख्या बहुत कम होगी तो संदेह के आधार पर फिर पुनरीक्षण कराया जा सकता है। य...