रुडकी, अप्रैल 30 -- रुड़की, संवाददाता। जनगणना के तहत आवास गणना का पहला चरण शुरू होते ही शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने लगा है। बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाए जाने से स्कूल और कॉलेजों में पढ़ाई लगभग चौपट हो गई है। छात्र-छात्राएं तो नियमित रूप से संस्थानों में पहुंच रहे हैं, लेकिन कक्षाओं में शिक्षक नजर नहीं आ रहे, जिससे पढ़ाई बाधित हो रही है। शिक्षकों की कमी का असर सिर्फ पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य सरकारी विभागों के कामकाज पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। जनगणना कार्य में शिक्षकों की व्यापक तैनाती के चलते कई नियमित प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अभिभावकों और छात्रों में इस स्थिति को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
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