महाराजगंज, मार्च 28 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। देश की पहली डिजिटल जनगणना में तकनीक का व्यापक इस्तेमाल होगा। इसके तहत जिले के सभी वार्डों और गांवों का डाटा सीएमएमएस (सेंसस मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम) पोर्टल पर फ्रीज किया जाएगा। एक बार पोर्टल पर डाटा लॉक होने के बाद इसमें किसी भी प्रकार का मैन्युअल संशोधन संभव नहीं होगा। इसी जवाबदेही को देखते हुए मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षण में अब फील्ड ट्रेनरों को डिजिटल बारीकियों का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया है। फील्ड ट्रेनरों के अंतिम बैच का प्रशिक्षण आज पूरा हो जाएगा। जिले में जनगणना के लिए लगभग छह हजार कर्मियों की ड्यूटी लगाई है। इसमें प्रगणक व सुपरवाइजर शामिल हैं। एक सुपरवाइजर के अधीन 6 से 8 प्रगणक कार्य करेंगे। जनगणना कर्मियों को उनके कार्यक्षेत्र वॉर्ड या गांव का आवंटन भी पोर्टल के माध्यम से ह...