सहरसा, अप्रैल 16 -- सहरसा, नगर संवाददाता। पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा कि की उन्होंने पूर्व में ही कहा था, अगर बीजेपी ही सही तो सम्राट चौधरी बेहतर विकल्प हैं। बिजेंद्र यादव सोशलिस्ट सोच और अनुभव के पर्याय हैं। उन्हें जिम्मेवारी सौंपकर नीतीश कुमार ने विचारधारा का सम्मान किया है।उन्होंने कहा कि लेकिन जेडीयू का कोर वोटर और सवर्णों में संख्याबल में सर्वाधिक राजपूत ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पूर्व सासंद ने इस बात को फिर दोहरा रहा कि वे इस फैसले से असहमत थे और रहेंगे। यह फैसला चाहे एनडीए के शीर्ष नेतृत्व का हो, या फिर स्वयं नीतीश कुमार का ही क्यों नहीं।मंत्रणाकारों यह भी पढ़ें- सम्राट चौधरी को कमान सौंपने के मायने ने इस निर्णय से एनडीए और खासकर बीजेपी का नुकसान किया है। उनके सामने पंजाब, महाराष्ट्र, उड़ीसा और अब बिहार है।इसका प्रत्यक्ष फायदा प्रत...