रांची, मई 2 -- मांडर, प्रतिनिधि। जतरा हमारी सांस्कृतिक पहचान का जीवंत प्रतीक है, ये बातें कृषि, पशुपालन और सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने शुक्रवार को प्रखंड के सकरा में आयोजित 107वें जेठ जतरा सह कुड़ुख सांस्कृतिक कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि जतरा हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, जो सामाजिक एकता, पहचान और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण है। मंत्री ने कहा कि जेठ जतरा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान को संजोए रखने का पावन अवसर है, जो पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़े रखता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी प्राचीन परंपराओं के संरक्षण के प्रति सजग रहें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी संस्कृति पर गर्व कर सकें। यह भी पढ़ें- कृषि मंत्री ने किया विकास योजनाओं का शिलान्यास क...