वाराणसी, अप्रैल 23 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। असि स्थित नवनिर्मित दक्षिणामूर्ति मठ का मुख्य प्रांगण 'साधना एवं राष्ट्ररक्षा' शिविर के अंतिम दिन बुधवार को विविध विषयों पर गहन चर्चा का साक्षी बना। जिज्ञासुजन जटिल से जटिल प्रश्न उठाते रहे। पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती सहज भाव से उनके उत्तर देते रहे।शिविर के समापन सत्र में प्रश्नकर्ता थे देशभर से जुटे शंकराचार्य के अनुयायी। धर्म-अध्यात्म, संस्कृति-संस्कार, समाज-परिवार, आधुनिक ज्ञान-वैदिक विज्ञान, भौतिक-रसायन, बीज गणित-वैदिक गणित, नीर सागर-क्षीर सागर, लार्ड मैकाले की नीति-शिक्षा की रीति। ऐसे और भी कितने ही विषयों से जुड़े प्रश्न जिज्ञासुओं की ओर से आते रहे। उत्तर के क्रम में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि आदि शंकराचार्य जिसे सनातन कहत...
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