लखनऊ, फरवरी 14 -- प्रदेश में आपातकालीन प्रसव सेवाओं को मजबूत करने के लिए 24 घंटे कार्यरत फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) की संख्या 153 से बढ़ाकर 427 कर दी गई है। इससे जटिल प्रसव मामलों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जा सकेगी। माताओं और बच्चों की सेहत बेहतर बनाने के लिए अब से हर तीन महीने में सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इनमें अच्छा काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों और चैंपियंस को बुलाया जाएगा, ताकि उनके अनुभव से दूसरों को भी सीख मिल सके। प्रदेश में मातृ एवं नवजात मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से राज्य टास्क फोर्स की बैठक में यह बातें स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने कहीं। बैठक में डा. मिलिंद वर्धन, महाप्रबंधक बाल स्वास्थ्य ने बताया कि सैंपल रजिस्ट्रेशन सर्वे 2023 के अनुसार वर्तमान में प्र...