जज साहब बचा लीजिए. घरवाले कजिन से जबरदस्ती शादी करवा रहे; अर्जी पर क्या बोला HC?
नई दिल्ली, जुलाई 8 -- जज साहब, मुझे बचा लीजिए. मुझे अभी पढ़ना है, शादी नहीं करनी। हाईकोर्ट में एक युवती ने जज के सामने ऐसी ही गुहार लगाई। युवती ने बताया कि घरवाले उसकी जबरदस्ती शादी करवा रहे थे लेकिन उसे अभी पढ़ाई करनी है। मामला सुनने के बाद हाईकोर्ट ने उसके पक्ष के फैसला सुनाया। अदालत ने साफ किया कि किसी भी बालिग लड़की को संविधान से मिले अधिकार के तहत अपनी मर्जी से फैसले लेने का अधिकार है। कोर्ट ने यह भी कहा कि न तो सरकार और न ही उसके माता-पिता उसे उसकी मर्जी के खिलाफ शादी करने के लिए मजबूर कर सकते हैं। मामला बॉम्बे हाईकोर्ट का है। यहां कार्यवाहक चीफ जस्टिस रवींद्र घुगे और जस्टिस गौतम अंखद की पीठ ने इस बात पर जोर दिया कि रहने की जगह, शादी या उच्च शिक्षा से जुड़े मामले व्यक्तिगत पसंद के विषय हैं और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.