जज के साथ अन्याय हो तो वह कहां जाएं? फांसी की सजा का रिकॉर्ड बनाने वाले न्यायाधीश रवि दिवाकर का दर्द
मुजफ्फरनगर, सितम्बर 18 -- यूपी के मुजफ्फरनगर में विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट/अपर सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने एक मामले पर फैसला सुनाते हुए सवाल किया कि यदि किसी न्यायाधीश के साथ अन्याय हो तो वह कहां जाए? साथ ही यह भी पूछा कि यदि सेशन जज या जिला जज का कोई प्रशासनिक आदेश कानून के दिशा-निर्देशों के खिलाफ और 'विदाउट ज्यूरिस्डिक्शन' हो तो क्या संबंधित अधिकारी उसे मानने के लिए कानूनन बाध्य है? रवि दिवाकर वही जज हैं जिन्होंने पिछले पांच महीने में ही 23 लोगों को फांसी की सजा सुनाई है। उनसे 100 से ज्यादा मामलों को छीन लिया गया है। रवि दिवाकर ने अपना दर्द गुरुवार को सुनाए गए एक फैसले के दौरान बयां किया। रवि दिवाकर ने गुरुवार को सुनाए गए फैसले में अभियोजन साक्ष्यों का परीक्षण करने के साथ ही न्यायिक प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल भी उठाए...
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