कोलकाता, अप्रैल 18 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कोलकाता हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग (ECI) को तगड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने आयोग की उस अधिसूचना को पूरी तरह रद्द कर दिया है, जिसमें सरकारी कॉलेजों के असिस्टेंट और एसोसिएट प्रोफेसरों को मतदान केंद्रों पर पीठासीन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग पर दिशानिर्देशों में बार-बार बदलाव का आरोप लगाते हुए साफ कहा कि बिना किसी ठोस कारण या असाधारण परिस्थितियों के प्रोफेसरों को इस जिम्मेदारी पर नहीं लगाया जा सकता। जस्टिस कृष्णा राव की पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि चुनाव आयोग यह साबित करने में विफल रहा है कि इन उच्च पदस्थ शिक्षकों की इस पद पर तैनाती 'अत्यंत आवश्यक' क्यों थी।मामला क्या था? सरकारी कॉलेजों के असिस्टेंट प्रोफेसरों ने आगामी विधानसभा चुनावों में ...
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