जजों की सेवानिवृत्ति उम्र 62 साल करने पर विचार करें राज्य
नई दिल्ली, सितम्बर 1 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा कि वे जिला न्यायपालिका में न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति उम्र बढ़ाकर 62 साल करने पर विचार करें। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि सेवानिवृत्ति उम्र बढ़ाने से राज्यों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा क्योंकि वे पहले से ही सेवा में हैं। कुछ राज्यों के इस प्रस्ताव के खिलाफ तर्कों को खारिज करते हुए कि अन्य सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति उम्र 58 या 60 साल है, सीजेआई ने कहा कि उनके विपरीत, न्यायिक अधिकारी अपनी सेवा काफी देर से शुरू करते हैं और इसलिए उन्हें 62 साल तक काम करने की अनुमति देने से वित्तीय बोझ नहीं बढ़ेगा। यह भी पढ़ें- बिहार में न्यायिक पदाधिकारियों के रिट...
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