बिजनौर, सितम्बर 29 -- जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत प्रसूताओं के मौजूदा वित्तीय वर्ष में जहां करीब 85 फीसदी भुगतान के साथ बिजनौर प्रदेश में 11वें और मंडल में पहले स्थान पर चमका है। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की कवायद को इससे बल मिला है। वहीं तस्वीर का दूसरा पहलू देखें तो बीते वर्ष का लंबित बैकलॉग आज भी 13,600 माताओं के लिए अंतहीन इंतजार का सबब बना हुआ है। यह भी पढ़ें- एसवाई योजना में जिला महिला अस्पताल फिसड्डीबैकलॉग की समस्या राज्य के अन्य हिस्सों में जेएसवाई भुगतान की कछुआ चाल के बीच बिजनौर के स्वास्थ्य महकमे से मिले आंकड़े राहत देने वाले हैं। एनएचएम नोडल अफसर डिप्टी सीएमओ अनिल कुमार सिंह के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष में अप्रैल से अब तक हुए 9250 प्रसवों के सापेक्ष 8000 यानी करीब 85 फीसदी प्रसूताओं के बैंक खातों में प्रोत्साहन राशि...