कौशाम्बी, मार्च 29 -- विकास खंड चायल के कसेंदा गांव में सड़क चौड़ीकरण के दौरान जच्चा-बच्चा केंद्र को ध्वस्त किए जाने के बाद ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। केंद्र के टूटने के महीनों बाद भी उसका पुनर्निर्माण नहीं कराया गया है, जिससे प्रसव और टीकाकरण जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। इसका सीधा असर गांव की गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं पर पड़ रहा है। ग्राम प्रधान सुखलाल यादव ने बताया कि प्रयागराज-कौशांबी तपोस्थली मार्ग पर स्थित यह केंद्र कसेंदा समेत आसपास के कई गांवों के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र था। यहां सुरक्षित प्रसव और बच्चों का नियमित टीकाकरण किया जाता था। सड़क चौड़ीकरण के दौरान भवन को तोड़ दिया गया और लोक निर्माण विभाग की ओर से ग्राम सभा की बची जमीन पर नए सिरे से निर्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.