जघन्य अपराध में 10 साल जेल काटना जमानत का आधार नहीं: हाईकोर्ट
जमशेदपुर, सितम्बर 23 -- विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास और उसकी गला घोंटकर हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे धानों टुडू की सजा स्थगित कर जमानत पर रिहा करने की याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जघन्य अपराधों में केवल 10 साल या उससे अधिक अवधि जेल में बिताना सजा स्थगित करने या जमानत देने का एकमात्र आधार नहीं हो सकता। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने यह आदेश दिया। यह मामला पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी थाना से जुड़ा है। मामला 19 नवंबर 2015 का है। अभियोजन के अनुसार, मुसाबनी थाना क्षेत्र के तिलाबनी गांव में करमा पूजा के दौरान छोटका गोप और धानों टुडू नाबालिग बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे। अगले दिन सुबह गांव की झाड़ियों में बच्ची का शव मिला ...
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