वाराणसी, मई 1 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। काशी में विद्यमान चारों धाम में एक जगन्नाथ मंदिर के प्राचीन वास्तु को नवीन उत्कर्ष प्रदान करने की तैयारी है। इसके लिए वास्तु और शिल्प के प्राचीन शास्त्रों का सहारा लिया जा रहा है। अस्सी स्थित मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य की शुरुआत पहली मई को शिला पूजन के साथ होगी। यह भी पढ़ें- कांची के शंकराचार्य ने किया भगवती अन्नपूर्णा का पूजनमंदिर की संरचना शास्त्रीय नियमों के अनुसार मंदिर के गर्भगृह और उसके शिखर के बीच का अनुपात केवल कलात्मक नहीं, बल्कि ज्यामितीय और आध्यात्मिक भी होता है। यह गर्भगृह की चौड़ाई, देव विग्रह की ऊंचाई (वास्तु पुरुषमंडल) पर आधारित होता है। आदर्श सेवा संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो.रामनारायण द्विवेदी के अनुसार गर्भगृह की आंतरिक लंबाई-चौड़ाई (वर्ग) को मूल इकाई माना जाता है...
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