रांची, मई 10 -- तोरपा, प्रतिनिधि। जगन्नाथ मंदिर तोरपा में आयोजित आठ दिवसीय धर्मसभा सह हरिकथा का समापन शनिवार देर रात भक्तिमय माहौल में हो गया। समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिकथा श्रवण करने पहुंचे और भजन-कीर्तन में शामिल हुए। हरिकथा के दौरान अखिल भारतीय श्री चैतन्य गौड़ीय मठ के अंतरराष्ट्रीय आचार्य पूज्यपाद त्रिदंडीस्वामी श्रीमद भक्ति विचार विष्णु जी महाराज ने कहा कि झारखंड की धरती पावन है, क्योंकि चैतन्य महाप्रभु यहां से होकर गुजरे थे। उन्होंने कहा कि कलियुग में हरिनाम ही मनुष्य को भवसागर से पार लगाने का सबसे सरल मार्ग है। भगवान को निष्कपट और निस्वार्थ भाव से भक्ति करने वाले भक्त प्रिय हैं। महाराज ने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन हरिनाम जप करने और धर्म व सेवा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उनके द्वारा गाए भजन 'गोविंद मेरो है, गोपा...