रांची, जुलाई 19 -- रांची। जगन्नाथपुर मंदिर में इस वर्ष हेरा पंचमी का उत्सव एक नई और ऐतिहासिक परंपरा का साक्षी बनने जा रहा है। मंदिर के करीब 335 वर्षों के इतिहास में पहली बार क्रोधित मां लक्ष्मी पालकी पर विराजमान होकर मुख्य मंदिर से मौसीबाड़ी के लिए प्रस्थान करेंगी। वहां पहुंचकर वह भगवान जगन्नाथ के रथ का एक पहिया क्षतिग्रस्त करने की पारंपरिक रस्म निभाएंगी। यह धार्मिक आयोजन रविवार सुबह नौ बजे मुख्य मंदिर से शुरू होगा। इससे पहले तक हर वर्ष मंदिर के पुजारी मां लक्ष्मी के सिंहासन को अपने कंधे पर लेकर गाजे-बाजे के साथ मौसीबाड़ी पहुंचते थे, जहां इस रस्म को पूरा किया जाता था। यह भी पढ़ें- Ranchi News: परंपरा के विरुद्ध रथयात्रा का विरोधपौराणिक कथा जगन्नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी रामेश्वर पाढ़ी ने इस पौराणिक कथा पर बताया कि आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को भ...