हाजीपुर, अप्रैल 1 -- वैशाली । संवाद सूत्र प्राकृत जैनशास्त्र और अहिंसा शोध संस्थान वैशाली में जगदीश चंद्र माथुर स्मृति व्याख्यान माला 2026 के अंतर्गत 'वर्तमान को वर्धमान की आवश्यकता' विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान माला का आयोजन किया गया। शुरुआत डॉ. रत्नाकर शुक्ला पूर्व शोध छात्र प्राकृत शोध संस्थान वैशाली ने की। अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। मुख्य वक्ता प्रो. वीरचंद्र जैन ने कहा कि आज के समय में भगवान महावीर के सिद्धांतों की प्रासंगिकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि वर्धमान महावीर द्वारा प्रतिपादित अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और सहिष्णुता जैसे मूल्यों को अपनाकर ही समाज में शांति और संतुलन स्थापित किया जा सकता है। वर्तमान समय में बढ़ती हिंसा, असहिष्णुता और भौतिकता के बीच महावीर का दर्शन मानवता के ...