आगरा, अगस्त 26 -- गांव का हर इंसान मौत के मंजर को बयां करता-करता फफक कर रोने लगता है। आंखों से झर-झर आंसू बहने लगते हैं। चौबीस घंटे से गांव में शायद ही किसी के घर चूल्हा जला हो। 24 घंटे में मुंह में अन्न का एक निवाला नहीं गया। न किसी की खाने की इच्छा हुई। दुख की हूक इतनी भरी है कि चीख पुकारें थमती नहीं दिख रहीं। जो भी पूछता है कि बस इतना ही मुंह से निकलता है कि सब बर्बाद हुई गओ। दर्द भरे ये हालात गांव रफातपुर में घर-घर पर दिखते हैं। यहां बाबा जाहरवीर की भक्ति करने जाते समय गांव के भक्तों पर मौत ने ऐसा झपट्टा मारा कि चंद मिनटों में 11 लोगों को जान ले गया। कई दर्जन ग्रामीणों को जख्मी कर दर्द दे गया। गांव के छह लोगों की चिताएं जल चुकी हैं। सातवें मृतक रामचरण का शव मंगलवार दोपहर को गांव में लाया गया। रामचरण का शव पहुंचते ही चीख चीत्कारें निकल...
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