संतकबीरनगर, मार्च 16 -- हिन्दुस्तान टीम, संतकबीरनगर। माह-ए-रमजान में जकात का खास महत्व माना गया है। इस्लाम में जकात को फर्ज बताया गया है, जिसका मकसद समाज में बराबरी, भलाई और आपसी भाईचारा कायम करना है। जकात देने से इंसान की आत्मा पवित्र होती है व माल में बरकत आती है।आल इंडिया उलेमा बोर्ड के प्रदेश सचिव मौलाना फुजैल नदवी ने कहा कि जकात के जरिए अमीर-गरीब के बीच की दूरी कम होती है। समाज के सक्षम लोग अपनी कमाई का एक हिस्सा जरूरतमंदों, गरीबों, यतीमों और बेसहारा लोगों की मदद के लिए देते हैं। इससे जरूरतमंदों को सहारा मिलता है और समाज में सहयोग व इंसानियत की भावना मजबूत होती है। रमजान के महीने में बड़ी संख्या में लोग जकात अदा करते हैं। लोग अपने आसपास के गरीब परिवारों, विधवाओं, अनाथ बच्चों और जरूरतमंदों को कपड़े, राशन और आर्थिक मदद देते हैं। इससे कई ...