जंतर-मंतर पर इंटरनेट बंद किए जाने के खिलाफ जनहित याचिका, कौन पहुंच गया हाई कोर्ट?
नई दिल्ली, जुलाई 24 -- केंद्र सरकार द्वारा बीते कई दिनों से दिल्ली में जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में मोबाइल इंटरनेट बंद करवाया जा रहा है, जिसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में शुक्रवार को एक जनहित याचिका आई, जिसमें इस इंटरनेट बैन को गैर कानूनी और संविधान से मिले नागरिक अधिकारों के खिलाफ बताते हुए इस बारे में जारी आदेश को रद्द करने की मांग की गई। इस PIL में सस्पेंशन ऑर्डर से जुड़ी पारदर्शिता पर चिंता जताई गई और यह निर्देश देने की मांग की गई कि भविष्य में हर सस्पेंशन ऑर्डर को जारी होने के समय ही एक आधिकारिक और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वेबसाइट पर पब्लिश किया जाए, जिसमें पब्लिकेशन की तारीख और समय भी शामिल हो। याचिकाकर्ता के वकील ने चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच बताया कि, 'यह याचिका जंतर-मंतर पर इंटरनेट बंद करने के खिलाफ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.