नई दिल्ली, अगस्त 2 -- हरियाणा सचिवालय के रिटायर कर्मचारी सुभाष चंद्र के लिए गुरुवार की रात सुकून भरी नींद लेकर आई। उन्होंने 23 साल पहले लापता हुए और मृत मान लिए गए प्रकाश को तमिलनाडु में उनकी बूढ़ी मां सुंदरी से मिलाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अमृतसर के अजनाला स्थित जसौर गांव में एक डेयरी फार्म के मालिकों ने प्रकाश को 18 साल तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देकर बंधुआ मजदूर बनाकर रखा था। उन्हें मवेशियों के साथ जंजीरों में बांधकर रखा जाता था। प्रकाश की दर्दनाक आपबीती का खुलासा करते हुए सुभाष चंद्र ने बताया, "आप उस व्यक्ति की दुर्दशा की कल्पना कर सकते हैं जिसे दिन में सिर्फ दो बार खाना दिया जाता था, मवेशियों के साथ रखा जाता था और रात में बिना किसी गद्दे या चादर के लोहे के बिस्तर से जंजीर से बांध दिया जाता था। 18 साल तक वह इस नरक क...