शामली, अप्रैल 6 -- युद्ध के चलते खाड़ी देशों में तनाव के कारण गैस और तेल आपूर्ति प्रभावित होने का असर चौतरफा नजर आ रहा है। इससे मिठाईयों का बाजार भी अछूता नहीं रहा है। कमर्शियल सिलेंडर न मिलने के कारण जहां मिष्ठान प्रतिष्ठानों पर ईधन के रूप में कोयले का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे कोयले के दाम भी बढ़ गए है। इसके अलावा अन्य सामान के बढते दामों ने मिठाइयों पर जायका भी फीका कर दिया है। जनपद मुख्यालय शामली से लेकर कस्बों में मिठइयों के पांच से दस फीसदी तक बढ़ गए है। कांधला नगर में लंबे समय से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। होटल-रेस्टोरेंट की तरह मिठाई की दुकानें भी इस संकट से जूझ रही हैं। कई दुकानदारों ने कोयले की पारंपरिक भट्टियां लगाकर काम चलाना शुरू कर दिया है, लेकिन बढ़ती कोयला कीमतों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं...
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