कटिहार, जून 9 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले जिले के किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में संभावित उछाल का असर अब खेती-किसानी पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। खेतों की जुताई, सिंचाई, खाद, बीज और कृषि मशीनों के किराये में बढ़ोतरी के संकेत मिलने लगे हैं। ऐसे में पहले से मौसम और बाजार की मार झेल रहे किसानों के सामने लागत और आमदनी के बीच का अंतर और बढ़ सकता है। किसानों का कहना है कि खेती की लागत पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ती गई है, लेकिन फसलों का लाभकारी मूल्य नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। अब यदि उर्वरक और ईंधन की कीमतों में और वृद्धि होती है तो खरीफ खेती का पूरा गणित बिगड़ सकता है。 यह भी पढ़ें- मिडिल ईस्ट में जंग की तपिश : खेती की लाग...