वाराणसी, मार्च 26 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। ईरान युद्ध का असर स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई पर भी पड़ने वाला है। कागज के दाम बढ़ने से किताबों के दाम बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा असर अभिभावकों की जेब पर पड़ेगा।युद्ध के चलते कागज की आपूर्ति भी घट गई है। लुगदी, प्रिंटिंग सामग्री, ऑफसेट पर इस्तेमाल होने वाली प्लेट के दाम बढ़ने से पुस्तकों की छपाई प्रभावित हो गई है। आमतौर पर पाठ्य पुस्तकों की कीमतें अक्तूबर-नवंबर में ही तय करके स्कूल-कॉलेज प्रबंधनों को भेज दी जाती है और पुस्तकों के ऑर्डर मिलते हैं। युद्ध के कारण कच्चे माल की किल्लत और कीमत बढ़ने से कॉपी-किताबों की छपाई भी मुश्किल हो गई है। जिन प्रकाशकों को 100 रिम कागज की जरूरत है उन्हें मुश्किल से 50-60 रिम मिल पा रहा है।वाराणसी प्रकाशक संघ के अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि पुस्तक प्रकाशन में निगेट...