लखीमपुरखीरी, अप्रैल 20 -- दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में रात के अंधेरे में वन्यजीवों के जंगल से निकलकर रेलवे ट्रैक और सड़कों पर हादसों के शिकार हो रहे हैं। एक महीने में दो बड़ी घटनाओं में एक बाघिन और एक मादा तेंदुए की मौत हो चुकी है, जिससे वन विभाग उलझन में है। एक अप्रैल की सुबह मैलानी वन रेंज में भीखमपुर हॉल्ट के पास बांकेगंज-मैलानी रेलखंड पर एक बाघिन का शव मिला था। गश्ती दल को ट्रैक के किनारे शव देखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हाई-स्पीड वाहन से आंतरिक चोटें, हृदय-फेफड़े का विस्थापनव गंभीर मांसपेशीय क्षति पाई गई। वन विभाग का अनुमान है कि रात को ट्रेन की टक्कर से हादसा हुआ। यह भी पढ़ें- सड़क हादसे में तेंदुए की मौत, कोसी पुल के पास मिला शव हालांकि रेलवे ने दावा किया कि ट्रैक पर खून आदि के निशान नहीं मिले थे। वन अधिकारियों का तर्क है कि त...