औरंगाबाद, अप्रैल 3 -- मछली पालन और सिंचाई से सैकड़ों परिवारों को लाभ, सालाना 10-12 क्विंटल उत्पादन फोटो- 3 अप्रैल एयूआर 8 कैप्शन: बादम तालाब, जो गांव के लोगों के आर्थिक विकास का प्रमुख स्रोत बना हुआ है। मदनपुर, एक संवाददाता। मदनपुर प्रखंड मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दक्षिण स्थित बादम गांव के जंगलों के बीच बना प्राकृतिक तालाब आज ग्रामीणों की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बन गया है। कभी नक्सलियों का पनाहगाह रहा यह इलाका अब मछली पालन और सिंचाई के जरिए आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रहा है। करीब पांच एकड़ में फैला यह तालाब पहाड़ों के बीच मैदान में बरसाती पानी के जमाव से प्राकृतिक रूप से बना है। ग्रामीणों द्वारा वर्षों से इसमें मछली पालन किया जा रहा है, जिससे हर वर्ष लगभग 10 से 12 क्विंटल मछली का उत्पादन होता है। मछली पालन का कार्य मल्लाहों के सह...
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