शिमला, जून 19 -- हिमाचल प्रदेश के जंगल अब केवल हरियाली, वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं रह गए हैं। एक नई रिपोर्ट ने दावा किया है कि प्रदेश के जंगलों में 22,600 करोड़ रुपये की ग्रीन वेल्थ खड़ी करने की क्षमता मौजूद है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सैटेलाइट तकनीक और बड़े स्तर पर जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर तैयार इस अध्ययन ने हिमाचल की वन संपदा की आर्थिक संभावनाओं की नई तस्वीर पेश की है। वन विभाग और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार यदि जंगलों में उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए तो यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दे सकते हैं। रिपोर्ट का कहना है कि जंगली फल, औषधीय पौधे, चीड़ की सूइयां, लकड़ी और बांस जैसे संसाधनों में बड़े पैमाने पर आर्थिक अवसर...