गंगापार, मार्च 14 -- क्षेत्र के जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाले बांस के झुरमुट यहां की वन संपदा और ग्रामीण जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। गांवों में बाड़ लगाने, चारपाई बनाने, कच्चे मकानों की छत तैयार करने तथा टोकरी और हाथ पंखा जैसे घरेलू सामान बनाने में बांस की भूमिका होती है। समय के साथ विकास और आधुनिकता के कारण बांस की पारंपरिक उपयोगिता में कमी आई है। बाड़ की जगह पक्की बाउंड्री, चारपाई की जगह तख्त और कच्चे मकानों की जगह पक्के मकान बनने से इसका इस्तेमाल पहले की अपेक्षा कम हो गया है। क्षेत्र के जंगलों से मिलने वाली मजबूत और आकर्षक बांस की लाठियां आज भी अपनी खास पहचान रखती हैं। नवरात्र के दौरान विंध्याचल धाम में लगने वाले मेले में लाठियों की मांग रहती है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु इन्हें सहारे और आत्मरक्षा के लिए खरीदकर अपने साथ...
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