अल्मोड़ा, अगस्त 20 -- मुकेश सक्टा, अल्मोड़ा। लगातार बढ़ रहे मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम को गुरुवार को कलेक्ट्रेट में डीएम अंशुल सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें वन्यजीव संघर्ष के क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे विशेषज्ञों के सुझावों और अनुभवों को साझा किया गया। डीएम ने पर्वतीय क्षेत्रों की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए प्रभावी मॉडल विकसित करने और चयनित क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट लागू करने की बात कही। साथ ही वन्यजीवों को आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने से रोकने के लिए जंगलों के भीतर ही फलदार वृक्ष उगाने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त जंगली जानवरों से कृषि एवं बागवानी क्षेत्रों को होने वाले भारी नुकसान से बचाने के लिए क्लस्टर आधारित तारबाड़ प्रणाली अपनाने पर जोर दिया गया। यह भी पढ़ें- वसंत विहार में मियावाकी वन मे...