हल्द्वानी, अप्रैल 22 -- मोहन भट्ट, हल्द्वानी। अप्रैल के तीसरे हफ्ते से ही जंगलों में आग लगने का खतरा गंभीर रूप ले चुका है। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जंगलों में नमी का स्तर 40 प्रतिशत से भी कम हो गया है। लगातार तेज धूप ने न सिर्फ जंगल की घास-फूस को पूरी तरह सुखा दिया है, बल्कि पर्वतीय इलाकों में चीड़ के पेड़ों की सूखी पत्तियां (पिरुल) भी भारी मात्रा में गिरने लगी हैं, जिससे आग फैलने का खतरा दोगुना हो गया है। विभाग ने सभी रेंज में मौसम मापक यंत्र लगाए हैं। इनकी मदद से क्षेत्र विशेष का तापमान, आर्द्रता, वायु दबाव, हवा की गति, फ्यूल मॉडल और फायर डेंजर रेटिंग जैसी महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है। यह भी पढ़ें- उत्तर बिहार में भीषण गर्मी का अलर्ट, 40-42degC तक पहुंच सकता है तापमानस, किसानों के लिए विशेष सलाह जारी यह जानकारी सीधे डीएफओ का...