हाजीपुर, मार्च 16 -- सहदेई बुजुर्ग । सं.सू. रसोई गैस की कमी की चर्चा के बीच अब लोग वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुट गए हैं। गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति नहीं होने और बुकिंग में आ रही तकनीकी परेशानियों के कारण कई परिवारों ने इंडक्शन चूल्हा खरीदना शुरू कर दिया है, ताकि किसी तरह दैनिक भोजन की व्यवस्था की जा सके। रसोई गैस की इस किल्लत का सबसे अधिक असर लॉज और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों पर देखने को मिल रहा है। बाहर में पढ़ाई कर रहे अधिकांश छात्र आमतौर पर 2 किलो या 5 किलो के छोटे गैस सिलेंडर से खाना बनाकर अपना काम चलाते हैं, लेकिन इन दिनों गैस नहीं मिलने के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि गैस की कमी के कारण अब उन्हें खुले बाजार से गैस खरीदनी पड़ रही है, जहां इसकी कीमत लगभग 200 रुपए प्रति किलो तक पहुंच ...