नई दिल्ली, जुलाई 2 -- देश में छह राष्ट्रीय और 67 राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के अलावा ढाई हजार से अधिक छोटे-छोटे गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दल है जो गुमनाम हैं। लेकिन समय आने पर ये कागजों पर बने छोटे-छोटे राजनीतिक दल चुनावी राजनीति में वोटों के धुव्रीकरण कर बड़े दलों को फायदा पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन दलों पर अक्सर काले धन को सफेद करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप लगते रहते हैं। राजनीति एवं चुनाव विश्लेषक प्रो. संजय कुमार बताते हैं कि अक्सर चुनाव के समय छोटे-छोटे दल बड़े दल को फायदा पहुंचाने के लिए वोटों के धुव्रीकरण या वोट काटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि अक्सर ये बात सामने आई है कि छोटे दल किसी बड़े दल के इशारे पर विरोधी दल के उम्मीदवार से मिलता जुलता नाम वाले उम्मीदवार को...