लखनऊ, जुलाई 24 -- रजनीश रस्तोगी, वरिष्ठ संवाददाता, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नकली दवाओं का कारोबार अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका नेटवर्क छोटे जिलों और कस्बों तक भी फैल चुका है। असली दवाओं की खेप के साथ नकली दवाएं भी मेडिकल स्टोरों तक पहुंचाई जा रही हैं, जिससे मरीजों की जान खतरे में पड़ रही है। यह भी पढ़ें- दवा कारोबारियों को झटका! यूपी सरकार ने नए थोक दवा लाइसेंस पर लगाई रोक, आदेश जारीनकली दवाओं का कारण खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी के चलते इस संगठित नेटवर्क पर पूरी तरह लगाम कसना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। एफएसडीए अधिकारियों के मुताबिक लखनऊ सहित प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में नकली दवाओं का नेटवर्क सक्रिय है। राजधानी का अमीनाबाद इस नेटवर्क का प्रमुख ...