किशनगंज, जुलाई 25 -- किशनगंज। निज संवाददाता सतत विकास का मार्ग केवल आर्थिक प्रगति से नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त परिवारों से होकर गुजरता है। जब प्रत्येक दंपति अपनी इच्छा और परिस्थितियों के अनुरूप परिवार का आकार तय करता है, तब केवल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य ही बेहतर नहीं होता, बल्कि शिक्षा, पोषण, रोजगार और सामाजिक समानता जैसे विकास के अनेक लक्ष्य भी स्वत: सशक्त होते हैं। यही कारण है कि परिवार नियोजन संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों विशेषकर स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, गरीबी उन्मूलन और गुणवत्तापूर्ण जीवन से सीधे जुड़ा हुआ विषय है।राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) के प्रारंभिक संकेतक बताते हैं कि आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों की स्वीकार्यता बढ़ रही है, लेकिन पुरुषों की भागीदारी अब भी अपेक्षाकृत कम है। इसी सोच को बदलने और जि...