नई दिल्ली, अक्टूबर 4 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत दर्ज एक FIR को हाल ही में रद्द कर दिया। कोर्ट ने यह कदम नाबालिग पीड़िता की ओर से आरोपी के खिलाफ 'नो-ऑब्जेक्शन' (कोई आपत्ति न होने) जाहिर करने के बाद उठाया। यह FIR साल 2024 में साउथ डिस्ट्रिक्ट में दर्ज की गई थी। FIR दर्ज होने के समय पीड़िता नाबालिग थी। कोर्ट ने पीड़िता के हलफनामे और उसके इस बयान पर विचार किया कि उसने आरोपी से शादी कर ली है और उनकी एक नाबालिग बेटी है। उसने बताया कि वह आरोपी के साथ खुशी-खुशी रह रही है और मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। जिसके बाद जस्टिस मधु जैन ने रेप और POCSO की धाराओं के तहत दर्ज FIR को रद्द कर दिया। FIR रद्द करते हुए बेंच ने कहा, 'इस मामले के खास तथ्यों और हालात, प्रतिवादी (पीड़िता) के स्वेच्छा से दिए गए बयान और 'नो-ऑब्जेक्शन', और इस तथ्य को दे...