आगरा, अगस्त 6 -- किशोरी से छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपित प्रदीप निषाद निवासी अशोक नगर, बाह को अदालत से राहत मिल गई। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दिनेश कुमार चौरसिया ने साक्ष्य के अभाव में उसे बरी करने का आदेश दिया। अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों में विरोधाभास है। वहीं, आरोपित की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामप्रकाश शर्मा ने तर्क दिया कि अभियोजन आरोप सिद्ध करने में असफल रहा। अभियोजन के अनुसार, वादी ने थाना बाह में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसकी पत्नी का घटना से दो वर्ष पहले बीमारी से निधन हो गया था। वह दुकान चलाकर अपनी 14 वर्षीय पुत्री और 10 वर्षीय पुत्र का पालन-पोषण करता है। आरोप था कि 9 सितंबर 2018 की शाम उसकी पुत्री घर में झाड़ू लगा रही थी। तभी आरोपित घर में घुस आया और कट्टा दिखाकर उसके साथ छेड़छाड़ की...