लखनऊ, मार्च 15 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने छुट्टी और त्योहार के समय में भी बिजली कर्मचारियों व अभियंताओं की नियमित ड्यूटी को अनुचित बताया है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि यह बिजली कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव डालने की नीति है और इसे तत्काल बंद कर दिया जाना चाहिए।शैलेंद्र दुबे ने का कि आपातकालीन परिस्थितियों में यह व्यवस्था की जाती थी। हालांकि, अब इसे परंपरा बना दिया गया है। जिस दिन अवकाश घोषित किया जाता है, उसी दिन कार्यालय खुले रहने और बिजली कर्मचारियों को ड्यूटी पर उपस्थित रहने के भी आदेश हो जाते हैं। वर्ष 2000 में जब उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद का विघटन हुआ था, उस समय प्रदेश में लगभग 60 लाख उपभोक्ता थे और लगभग 1 लाख 20 हजार नियमित कर्मचारी थे। अब उपभोक्ताओं की संख्या 3 करोड़ ...
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