रामपुर, मार्च 17 -- रामपुर। कलक्ट्रेट सभागार का नजारा उस वक्त बेहद भावुक हो गया, जब जिंदगी की दुश्वारियों और अपनों को खोने के गम से टूटे कुछ परिवार अपनी आखिरी आस लेकर डीएम अजय कुमार द्विवेदी के सामने पहुंचे। किसी के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका था तो कोई असाध्य बीमारी से जूझते हुए अपने मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर डरा हुआ था। ऐसे 10 बेसहारा और जरूरतमंद बच्चों के लिए डीएम एक अभिभावक की तरह आगे आए और उन्हें सरकारी योजनाओं का संबल देकर उनके मुरझाए चेहरों पर फिर से मुस्कान लौटा दी। सोमवार को ग्राम पनवड़िया के सुखवासी सिंह अपने बेटे मयंक को लेकर डीएम के सामने पहुंचे, तो उनकी आंखों में बच्चे के भविष्य की चिंता साफ झलक रही थी। ग्राम रजपुरा मिलक से आए भगवान दास अपने बेटे आयुष के साथ खड़े थे, वहीं सब्बू अपनी मासूम तब्बानूर को लेकर पहुं...