लखनऊ, मई 26 -- छावनी क्षेत्र में सड़क पर घूम रहे आवारा मवेशी लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। बीच रास्ते बैठे रहते हैं। हार्न बजाने पर भी उनपर कोई फर्क नहीं पड़ता। इस समस्या से छावनी परिषद के जिम्मेदार भलीभांति अवगत हैं, इसके बावजूद इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। छह वर्ष पहले छावनी क्षेत्र से डेरियां हटाने के लिए अभियान चला था। रेलवे लाइन के किनारे कैटिल कालोनी बनायी गयी। सभी डेरियां वहीं से संचालित होने लगी थीं, लेकिन मौजूदा समय में छावनी के आबादी क्षेत्र में फिर से डेरियां संचालित होने लगी हैं। दूध निकालने के बाद डेरी संचालक मवेशियों को छोड़ देते हैं, जो व्यस्त रास्तों पर दिनभर भ्रमण करते रहते हैं। सदर बाजार के पुल पर चढ़ने व उतरने वाले रास्ते पर झुंड में बैठे रहते हैं। आधे से ज्यादा रास्ता घिरा रहता है। वाहन चालकों...