लखनऊ, मई 19 -- एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने को सिविल व बलरामपुर अस्पताल के लगाने पड़ रहे चक्कर लखनऊ। प्रमुख संवाददाता यह भी पढ़ें- कुत्तों का आतंक: शहर में 200 लोग रोज बन रहे कुत्तों का शिकारकुत्तों और बंदरों का आतंक छावनी क्षेत्र के लोग कुत्तों व बंदरों के आतंक से परेशान हैं। आए दिन लोगों को काट रहे हैं। बाइक सवारों को दौड़ा रहे हैं। लेकिन छावनी परिषद प्रशासन के पास न तो कुत्तों को पकड़ने की व्यवस्था और न ही अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन की सुविधा। काटने पर लोगों को सिविल अस्पताल या बलरामपुर अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते हैं या फिर निजी चिकित्सकों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह भी पढ़ें- सड़कों व गलियों में बवाल-ए-जान साबित हो रहे आवारा कुत्तेबच्चों पर हमला सबसे ज्यादा मुसीबत छावनी के गैर सैन्य क्षेत्र में है। अवारा कुत्तों का आतंक इतना बढ़...