लखनऊ, मई 23 -- सीरे से बने बायोप्लास्टिक बैग, थाली का होगा प्रयोग बलरामपुर सुगर मिल-छावनी परिषद से हुआ करार लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए छावनी क्षेत्र में अब पॉलीथिन के प्रयोग पर पूर्णतया प्रतिबंध रहेगा। इसके स्थान पर बायोप्लास्टिक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसकी आपूर्ति बलरामपुर चीनी मिल करेगी। इसके लिए छावनी परिषद और मिल के बीच करार हुआ है।

बायोप्लास्टिक का उपयोग छावनी परिषद ने अपने कार्यालयों में बायोप्लास्टिक बैग का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। लगभग एक लाख रुपये के बायोप्लास्टिक के पानी की बोतल व दो साइज में गार्बेज बैग खरीदा है। कार्यालयों व अस्पतालों में रखे डस्टबिन में यही गार्बेज बैग का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसकी खासियत यह है कि अधिकतम 180 दिन में यह पूरी तरह नष्ट होकर मिट्टी में मिल जाएगी।

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