छात्र-छात्राओं ने चितेरी और मुखौटा कला की सीखी बारीकियां
उरई, मई 16 -- उरई। संवाददाता महर्षि वेदव्यास सांस्कृतिक क्लब डीवी कॉलेज में बुन्देलखण्डीय संस्कृति परम्परा एवं समृद्धि विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला में अन्तिम दिन शनिवार को चितेरी और मुखौटा कला का प्रशिक्षण दिया गया। यहां छात्र-छात्राओं ने बुंदेलखंड की चितेरी और मुखौटा कला की बारीकियां सीखी। डीवी कॉलेज में छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण देते हुए प्रसिद्ध चित्रकार रोहित विनायक ने कहा कि बुन्देलखण्डीय लोककला, चित्रकला, मूर्तिकला, और हस्तशिल्प का अपना विशेष स्थान है। समूचे भारत में चितेरी और मुखौटा कला को पुनः पहचान मिली है। विदेश में भी इस कला संस्कृति को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। मैं विगत 25 वर्षों से लगातार इस कला के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रहा हूं। यह भी पढ़ें- पेंटिंग प्रदर्शनी में दिखाया कला कौशल चितेरी कला और मुखोटे का ...
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