नई दिल्ली, जुलाई 30 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को आईआईटी खड़गपुर के एक छात्र, जिसे 'बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर' है, को मेडिकल आधार पर आईआईटी रुड़की में स्थानांतरण करने की मंज़ूरी दे दी। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने संविधान के आर्टिकल-142 के तहत अपनी खास शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए आर्किटेक्चर की पढ़ाई कर रहे छात्र के स्थानांतरण का आदेश दिया और संस्थान को एक हफ्ते में जरूरी ट्रांसफर/माइग्रेशन सर्टिफिकेट और दूसरे दस्तावेज जारी करने का निर्देश दिया। छात्र ने अपनी याचिका में दावा किया कि आईआईटी खड़गपुर द्वारा स्थानांतरण से इनकार करने के कारण वह जीवन बचाने वाला मेडिकल इलाज नहीं ले पा रहा था। यह भी पढ़ें- NEET : अब MBBS दाखिले के लिए सिर्फ एक बार जाना होगा कॉलेज, समझें नई फ्रीज फ्लोट प्रक्रिया उसने दाव...