नई दिल्ली, अप्रैल 23 -- नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने छात्र कार्यकर्ता की कथित अवैध हिरासत और प्रताड़ना के मामले में दिल्ली पुलिस को कड़ी चेतावनी दी है। उच्च न्यायालय ने संकेत दिया कि यदि संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविन्द्र डुडेजा की पीठ ने कहा कि दिल्ली पुलिस का अब तक का रवैया भरोसा पैदा नहीं करता। पीठ ने दिल्ली पुलिस द्वारा सीलबंद लिफाफे में दाखिल रिपोर्टों, विशेषकर स्पेशल सेल कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज से जुड़े विवरणों पर नाराजगी जताई। पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस को कार्यकर्ताओं पर संदेह था तो कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी था।यह मामला बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जिसमें आरोप लगाया गया कि पिछले महीने कई...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.