नई दिल्ली, अगस्त 18 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि पेपर लीक के मुद्दे में आंदोलनकारी छात्रों पर पुलिस की बर्बरता के आरोपों की ‌जांच के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित करेगी। इस समिति में सुप्रीम कोर्ट/ हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, सीबीआई के पूर्व निदेशक, एक पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एवं अन्य लोगों को शामिल किया जाएगा। यह समिति आंदोलन के दौरान हिंसा करने व इसके साथ ही, शीर्ष अदालत ने इस मुद्दे पर देशभर में आंदोलन के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को भी रद्द करने के संकेत दिए। देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और वी. मोहना की पीठ ने इसके साथ ही मामले में सभी पक्षकारों से समिति में अन्य सदस्यों को शामिल करने के लिए अपने अपने सुझाव देने को कहा। सीजेआई ने कहा कि समिति में शामिल किए ...