कानपुर, सितम्बर 1 -- कानपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि 12 अंकों के विशिष्ट नंबर अपार आईडी को अनिवार्य तो नहीं किया गया है लेकिन अभिभावक अपने बच्चों का अपार आईडी जनरेट कर लें। सचिव ने स्कूलों के लिए जारी निर्देशों में कहा है कि अपार आईडी के माध्यम से डिजिलॉकर में सभी शैक्षणिक प्रमाणपत्र सुरक्षित हो जाएंगे। इनके कभी खोने का भय नहीं रहेगा। यह स्थायी डिजिटल पहचान है जो छात्र की पूरी शैक्षणिक यात्रा की पहचान होगी। इससे सभी कल्याणकारी योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति आदि का आसानी से लाभ मिल सकेगा। अभिभावकों से कहा गया है कि वे प्रधानाचार्यों से मिलकर आईडी जनरेट करा लें। विशेषकर कक्षा 10 व 12 के छात्र आवेदन में इसका उल्लेख करें।

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